रामानन्द तिवारी संवाददाता राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स नई दिल्ली।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक तुगलक रोड का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद मार्ग करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले का देशभर में स्वागत किया जा रहा है। अखिल भारत हिंदू महासभा और संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने इस कदम को जनभावनाओं का सम्मान बताते हुए सरकार की सराहना की है।
स्वामी चक्रपाणि जी ने कहा कि यह देश की सनातनी विरासत और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कांग्रेस के विरोध पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस को इस नाम परिवर्तन से आपत्ति है तो वह अपने घरों का नाम औरंगजेब के नाम पर रख सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भारत में मुगलों का महिमामंडन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
देश में बदल रही है मानसिकता
स्वामी विवेकानंद भारत के महान संत, समाज सुधारक और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उनके नाम पर मार्ग का नामकरण देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। हाल के वर्षों में देश में ऐतिहासिक स्थलों और सड़कों के नाम बदलकर भारतीय महापुरुषों के नाम पर रखने की एक नई परंपरा शुरू हुई है, जिसे जनता का अपार समर्थन मिल रहा है।
हिंदू महासभा का समर्थन
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि हिंदू महासभा इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करती है और भविष्य में भी ऐसे कदमों को बढ़ावा देगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि देशभर में ऐसे सभी स्थानों के नाम बदले जाएं जो विदेशी आक्रांताओं से जुड़े हुए हैं।
जनता का सकारात्मक रुख
इस निर्णय पर आम जनता ने भी खुशी जताई है और सोशल मीडिया पर इस कदम की सराहना हो रही है। स्वामी विवेकानंद का नाम भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है, और उनका नाम लेना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।
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