मनोज तोमर ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स गौतमबुद्ध नगर।
"वह पथ क्या पथिक, कुशलता क्या, जिस पथ पर बिखरे शूल न हों।
नाविक की धैर्य कुशलता क्या, जब धाराएँ प्रतिकूल न हों।।"
यह पंक्तियाँ पूरी तरह से दुजाना गाँव की बेटी प्रीति नागर भाटी पर सटीक बैठती हैं, जिन्होंने अपने संघर्षों को अपनी ताकत बना लिया और अपने हौसले की उड़ान से सफलता की ऊँचाइयों को छू लिया। प्रीति नागर भाटी, जो कि स्वर्गीय राजपाल नागर की सुपुत्री एवं एडवोकेट राजकुमार आर्य जी की भतीजी हैं, ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राजनीति शास्त्र में NET परीक्षा 99.30 प्रतिशताइल के साथ उत्तीर्ण कर एक मिसाल कायम की है।प्रीति के जीवन में चुनौतियों की कोई कमी नहीं थी। पिता का साया उठ जाने के बाद, उन्हें न सिर्फ पारिवारिक जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ा, बल्कि वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियाँ भी उनके कंधों पर आ गईं। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनके परिवार को गर्व हुआ है, बल्कि यह उन तमाम बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जो कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें पार कर आगे बढ़ने का जज़्बा रखती हैं।प्रीति भाटी को इस शानदार उपलब्धि के लिए ढेरों शुभकामनाएँ!
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